5 कलौंजी के दुष्प्रभाव : kalonji ke nuksan in Hindi कलौंजी क्या है ? Find (Kalonji Ke Hairat Angez Fawaid) and how to utilize other natural ingredients to cure diseases, easy recipes, and other information related to food from KFoods. Kalonji ke faide aur nuksan, kalonji se ilaj in Urdu. Haldi ke fayde or Haldi ke nuksan in urdu||in hindi || Turmeric powder health benefits in urdu |ہلدی کے فائدے اور نقصان #haldikfayde #haldi #turmericbenefitsinurdu. Characteristics of compare and contrast essay narrative essay describing a person case study analysis ppt. Meri ustani essay in urdu. Business school application essay examples. गठिये की बीमारी में कलौंजी तेल के लाभ - Black Seeds Oil Benefits for Arthritis in Hindi. 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The use of mobile phone essay my sister daily routine essay , essay example with thesis statement essay writing how many paragraphs . नपुंसकता और कामशक्ति बढ़ाने के लिए कलौंजी तेल के फायदे - Benefits of Black Seed oil for Sexual Impotence in Hindi. ذیابیطس کو دور رکھیں Topics for a discursive essay in ke nuksan Internet aur urdu fayde essay fayde essay in urdu nuksan Internet ke aur how to compare and contrast essays. مگر کیا آپ واقعی اس کے فوائد سے واقف ہیں جو آپ معمولی محنت سے حاصل کرسکتے ہیں ؟ Kalonji killed off the bacteria in a dose-dependent manner in over half of the samples . My favourite music essay in english? 1. Natural Health Tips Health And Beauty Tips Health Advice Health Care Honey Benefits Health Benefits Kalonji Benefits Kalonji Seeds Chaat Recipe. muska odela, za maturu venčanja, svadbu svadbe, strukirana, slim fit i odela za punije, u butiku formale sem muških odela možete pronaći i cipele za odela, košulje, kravate, dugmad za manžetne, kaiševe,leptir mašne, smoking odela, u suštini sve što vam je potrebno za svadbu, maturu ili … गर्भावस्था में कलौंजी के इस्तेमाल से बचना चाहिए, वरना गर्भपात होने की आशंका बढ़ जाती है। 2. It is used to enhance foods tastes whereas we also find use of kalonji in sunnah of our beloved prophet Hazrat Muhammad (peace be upon him). You would have not only heard about kalonji seeds (nigella sativa) but also used it some time. kalonji ke fayde aur nuksan kalonji ke fayde balo ke liye kalonji ke fayde batao kalonji ke fayde bataye kalonji ke fayde for hair kalonji ke fayde for skin kalonji ke fayde hair ... kalonji ke fayde in urdu kalonji ke fayde ki video kalonji ke fayde kya hai kalonji ke fayde video kalonji ke kya fayde hai kalonji khane ke … سردرد سے نجات اگر تو آپ ذیابیطس کے شکار ہیں تو کلونجی کے تیل کے ذریعے اسے کنٹرول میں رکھا جاسکتا ہے، ایک چائے کا چمچ تیل ایک کپ سیاہ چائے میں ملا کر صبح پی لیں اور چند ہفتوں میں آپ نمایاں فرق دیکھ سکیں گے۔ سردرد کا مسئلہ آج کل بہت زیادہ عام ہوچکا ہے تو اس سے بچنے کے لیے کوئی دوا نگلنے سے بہتر ہے کہ اپنی پیشانی پر کلونجی کے تیل سے مالش کرکے آرام کریں، سردرد جلد ہی غائب ہوجائے گا۔ گرم پانی، شہد اور لیموں کے عرق کے امتزاج میں چٹکی بھر کلونجی کو شامل کرکے مکس کریں اور اسے کچھ عرصے تک روز پینا عادت بنالیں، یہ بہت جلد کئی کلو جسمانی وزن گھٹانے میں مددگار مشروب ثابت ہوگا۔ : Kalonji Nigella Seeds in Hindi, कलौंजी के औषधीय गुण : Kalonji ke Gun in Hindi, कलौंजी के फायदे और उपयोग : Kalonji ke Fayde aur Upyog in Hindi, कलौंजी के दुष्प्रभाव : kalonji ke nuksan in Hindi, अल्सरेटिव कोलाइटिस – Ulcerative Colitis in Hindi, पृश्निपर्णी (पिठवन) के फायदे और उपयोग – Prishniparni in Hindi, आयुर्वेद के अनुसार क्या, कब और कैसे भोजन करना चाहिए, आहार से पाएँ गुर्दे (किडनी) का स्वास्थ्य – Kidney ko Swasth Rakhne ke Liye Aahar, हाइपोथायरायडिज्म : कारण और उपचार (Hypothyroidism in Hindi), कलौंजी का प्रयोग मसाले और अनेक रोगों को ठीक करने के लिए किया जाता है।, कलौंजी का प्रयोग यूनानी दवाओं को बनाने में ज्यादा किया जाता है।, कलौंजी वनस्पति पौधे के बीज है और औषधियों के रूप में बीजों का ही प्रयोग किया जाता है। अत: कलौंजी के बीजों को बहुत बारीक पीसकर सिरका, शहद या पानी में मिलाकर उपयोग किया जाता है।, कलौंजी के बीजों का तेल भी बनाया जाता है जो रोगों के लिए बहुत प्रभावशाली होता है। इसका तेल न मिलने पर कलौंजी से काम चलाया जा सकता है।, कलौंजी मूत्र लाने वाला, वीर्यपात को ठीक करने वाला और मासिक-धर्म के कष्टों को दूर करने वाला होता है।, कलौंजी का तेल कफ को नष्ट करने वाला और रक्तवाहिनी नाड़ियों को साफ करने वाला होता है। इसके अलावा यह खून में मौजूद दूषित व अनावश्यक द्रव्य को भी दूर होता है।, कलौंजी का तेल सुबह खाली पेट और रात को सोते समय लेने से बहुत से रोग समाप्त होते हैं।, 250 ग्राम कलौंजी पीसकर ढाई लीटर पानी में उबालें।, उबालते-उबलते जब यह केवल एक लीटर पानी रह जाए तो इसे ठंडा होने दें।, कलौंजी को पानी में गर्म करने पर इसका तेल निकलकर पानी के ऊपर तैरने लगता है। इस तेल पर हाथ फेरकर तब तक कटोरी में पोछें जब तक पानी के ऊपर तैरता हुआ तेल खत्म न हो जाए।, फिर इस तेल को छानकर शीशी में भर लें और इसका प्रयोग औषधि के रूप में करें।, कलौंजी के बीजों को गर्म करके पीस लें और कपड़े में बांधकर सूंघें। इससे सिर का दर्द दूर होता है।, कलौंजी और काला जीरा बराबर मात्रा में लेकर पानी में पीस लें और माथे पर लेप करें। इससे सर्दी के कारण होने वाला सिर का दर्द दूर होता है।, एक चम्मच सिरका, आधा चम्मच कलौंजी का तेल और दो चम्मच शहद मिलाकर सुबह खाली पेट और रात को सोते समय पीने से जोड़ों का दर्द ठीक होता है।, 10 ग्राम सौंफ का रस निकालकर कांजी में मिलाकर पीने से गठिया का दर्द ठीक होता है।, कुलंजन को रीठा के पत्तों के साथ काढ़ा बनाकर पीने से गठिया रोग समाप्त होता है।, कलौंजी के तेल को ललाट से कानों तक अच्छी तरह मलनें और आधा चम्मच कलौंजी के तेल को 1 चम्मच शहद में मिलाकर सुबह-शाम सेवन करने से सिर दर्द ठीक होता है।, कलौंजी खाने के साथ सिर पर कलौंजी का तेल और जैतून का तेल मिलाकर मालिश करें। इससे सिर दर्द में आराम मिलता है और सिर से सम्बंधित अन्य रोगों भी दूर होते हैं।, एक ग्राम पिसी कलौंजी शहद में मिलाकर चाटने से हिचकी आनी बंद हो जाती है।, कलौंजी आधा से 1 ग्राम की मात्रा में मठ्ठे के साथ प्रतिदिन 3-4 बार सेवन से हिचकी दूर होती है।, कलौंजी का चूर्ण 3 ग्राम मक्खन के साथ खाने से हिचकी दूर होती है।, काले उड़द चिलम में रखकर तम्बाकू के साथ पीने से हिचकी में लाभ होता है।, 3 ग्राम कलौंजी पीसकर दही के पानी में मिलाकर खाने से हिचकी ठीक होती है।, 20 ग्राम कलौंजी को अच्छी तरह से पकाकर किसी कपड़े में बांधकर नाक से सूंघने से बंद नाक खुल जाती है और जुकाम ठीक होता है।, आधा कप पानी में आधा चम्मच कलौंजी का तेल व चौथाई चम्मच जैतून का तेल मिलाकर इतना उबालें कि पानी खत्म हो जाएं और केवल तेल ही रह जाएं। इसके बाद इसे छानकर 2 बूंद नाक में डालें। इससे सर्दी-जुकाम ठीक होता है। यह पुराने जुकाम भी लाभकारी होता है।, जैतून के तेल में कलौंजी का बारीक चूर्ण मिलाकर कपड़े में छानकर बूंद-बूंद करके नाक में डालने से बार-बार जुकाम में छींक आनी बंद हो जाती हैं और जुकाम ठीक होता है।, कलौंजी को सूंघने से जुकाम में आराम मिलता है।, कलौंजी के बीजों को सेंककर और कपड़े में लपेटकर सूंघने से और कलौंजी का तेल और जैतून का तेल बराबर की मात्रा में नाक में टपकाने से सर्दी-जुकाम समाप्त होता है।, यदि चोट या मोच आने के कारण शरीर के किसी भी स्थान पर सूजन आ गई हो तो उसे दूर करने के लिए कलौंजी को पानी में पीसकर लगाएं। इससे सूजन दूर होती है और दर्द ठीक होता है।, कलौंजी को पीसकर हाथ पैरों पर लेप करने से हाथ-पैरों की सूजन दूर होती है।, एक कप गर्म पानी में आधा चम्मच कलौंजी का तेल मिलाकर दिन में 2 बार पीने से रक्तचाप सामान्य बना रहता है।, 28 मिलीलीटर जैतुन का तेल और एक चम्मच कलौंजी का तेल मिलाकर पूर शरीर पर मालिश आधे घंटे तक धूप में रहने से रक्तचाप में लाभ मिलता है। यह क्रिया हर तीसरे दिन एक महीने तक करना चाहिए।, यदि रात को नींद में वीर्य अपने आप निकल जाता हो तो एक कप सेब के रस में आधा चम्मच कलौंजी का तेल मिलाकर दिन में 2 बार सेवन करें। इससे स्वप्नदोष दूर होता है।, प्रतिदिन कलौंजी के तेल की चार बूंद एक चम्मच नारियल तेल में मिलाकर सोते समय सिर में लगाने स्वप्नदोष का रोग ठीक होता है। उपचार करते समय नींबू का सेवन न करें।, किसी भी कारण से पेट दर्द हो एक गिलास नींबू पानी में 2 चम्मच शहद और आधा चम्मच कलौंजी का तेल मिलाकर दिन में 2 बार पीएं। उपचार करते समय रोगी को बेसन की चीजे नहीं खानी चाहिए।, चुटकी भर नमक और आधे चम्मच कलौंजी के तेल को आधा गिलास हल्का गर्म पानी मिलाकर पीने से पेट का दर्द ठीक होता है।, 1 गिलास मौसमी के रस में 2 चम्मच शहद और आधा चम्मच कलौंजी का तेल मिलाकर दिन में 2 बार पीने से पेट का दर्द समाप्त होता है।, एक गिलास अंगूर के रस में आधा चम्मच कलौंजी का तेल मिलाकर दिन में 3 बार पीने से कैंसर का रोग ठीक होता है। इससे आंतों का कैंसर, ब्लड कैंसर व गले का कैंसर आदि में भी लाभ मिलता है। इस रोग में रोगी को औषधि देने के साथ ही एक किलो जौ के आटे में 2 किलो गेहूं का आटा मिलाकर इसकी रोटी, दलिया बनाकर रोगी को देना चाहिए। इस रोग में आलू, अरबी और बैंगन का सेवन नहीं करना चाहिए।, कैंसर के रोगी को कलौंजी डालकर हलवा बनाकर खाना चाहिए।, कलौंजी आधा से एक ग्राम की मात्रा में सेवन करने से मासिकस्राव का कष्ट दूर होता है और बंद मासिकस्राव शुरू हो जाता है।, कलौंजी आधा से एक ग्राम की मात्रा में प्रतिदिन 2-3 बार सेवन करने से मासिकस्राव शुरू होता है। गर्भवती महिलाओं को इसका सेवन नहीं कराना चाहिए क्योंकि इससे गर्भपात हो सकता है।, यदि मासिकस्राव बंद हो गया हो और पेट में दर्द रहता हो तो एक कप गर्म पानी में आधा चम्मच कलौंजी का तेल और दो चम्मच शहद मिलाकर सुबह-शाम पीना चाहिए। इससे बंद मासिकस्राव शुरू हो जाता है।, कलौंजी और सूखे चने को एक साथ अच्छी तरह मसलकर किसी कपड़े में बांधकर सूंघने से छींके आनी बंद हो जाती है।, यदि बार-बार छींके आती हो तो कलौंजी के बीजों को पीसकर सूंघें।, अधिक मात्रा में कलौंजी सेवन करने से दर्द, भ्रम, उत्तेजना आदि पैदा हो सकता है।, त्वचा, किडनी, आंत, आमाशय और गर्भाशय पर कलौंजी का उत्तेजक प्रभाव पड़ता है।.